Vishakha
Friday, June 15, 2012
अहसास 'दूसरा'
हवाओं को जब तुम स्पर्श करोगे अँधेरे में
पंख फर्फरायेगा वह परिंदों के झुरमुट सा!!
आ बैठेगा तुम्हारी दहलीज़ पर...
विशाखा.......
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